वी ई पी बसों के नाम पर यात्रियों की जान से खिलवाड़, परिवहन विभाग की चुप्पी पर सवाल
स्वतंत्र पत्रकार विजन
रिपोर्ट संवाददाता
वाराणसी।
कैंट रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां ट्रांसपोर्ट संचालकों और ऑटो चालकों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि ओवरलोड ऑटो में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित तथाकथित वीईपी बसों में टिकट बुक कराने के बाद यात्रियों को एक स्थान पर इकट्ठा किया जाता है और फिर उन्हें जबरन ओवरलोड ऑटो में बैठाकर बस के पास पहुंचाया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया यात्रियों की जान के साथ खुला खिलवाड़ है।
ऐसा ही एक मामला बीते दिन सामने आया, जब सिंह ट्रांसपोर्ट के संचालक द्वारा यात्रियों को ऑटो में ठूंसकर बस तक भेजा जा रहा था। जब एक यात्री ने इसका विरोध किया तो ट्रांसपोर्ट संचालक ने उससे बहस शुरू कर दी और यहां तक कह दिया कि “जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं कर पाओगे, मैं ऐसे ही करता हूं और करता रहूंगा।”
इस बयान से साफ जाहिर होता है कि ट्रांसपोर्ट संचालकों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग और आरटीओ विभाग की मिलीभगत के कारण ऐसे ट्रांसपोर्ट मालिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
यात्रियों से भारी भरकम किराया वसूला जाता है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा के नाम पर कोई उचित व्यवस्था नहीं दी जाती। ऑटो में क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे न सिर्फ यात्री असहज हैं बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में है? यदि समय रहते शासन-प्रशासन ने इस ओर सख्त कदम नहीं उठाए, तो किसी भी दिन कैंट रोडवेज बस स्टैंड पर बड़ा हादसा हो सकता है।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है या फिर यह लापरवाही भी फाइलों में दबकर रह जाएगी

